सतकोसिया टाइगर रिजर्व

ओडिशा मे महानदी द्वारा बनाए गए महाखड्डो के साथ इस टाइगर रिजर्व का विस्तार है इसकी स्थापना  1976 मे वन्यजीव अभयारण्य के रूप मे की गई थी। सतकोसिया देश के अच्छे पारिस्थितिकी तंत्रो मे से एक है और floura और fauna के लिए जाना जाता है । सतकोसिया नाम यानी सात कोस, यानि 14 मील अर्थात 22km महाखड्ड  की लम्बाई को दर्शाता है। इसे 2007 मे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।इस रिजर्व में 2 वन्यजीव अभयारण्य, सतकोसिया गाॅर्ज अभयारण्य और बैसिपली अभयारण्य शामिल है सतकोसिया भारत के दो प्रमुख जैव भौगोलिक क्षेत्र, दकन प्रायद्वीप और पूर्वी घाट का मिलन बिंदु है इस रिजर्व में आद्र पर्णपाती, शुष्क पर्णपाती और आर्द्र प्रायद्वीपीय साल वन पाए जाते है यह बाघ, तेंदुए, हाथी, गौर, सांभर चितीदार हिरण, माउस हिरण, नीलगाय चौसिंगा और जंगली कुते के लिए प्रसिद्ध है इसके अतिरिक्त इसमे स्थानीय और प्रवासी पक्षियो की विभिन्न प्रजातियाँ पाई जाती है 

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